नाम से मुक्त होना परमात्म से युक्त होना है, बड़ा बारीक है अंहकार का संसार

बरुण सखाजी श्रीवास्तव अध्यात्म बारीक विषय है। इतना सूक्ष्म कि सूक्ष्म में गोता लगाने वाले भी न खोज पाएं। ज्यों नाम की लालसा। हम कुछ करें या न करें, पर नाम हो। कुछ करें तो नाम न हो ऐसा तो…






