shrirambabajee@gmail.com

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Paramhans Shriram babajee: जो हो हमारे हिसाब से हो, अगर न हो तो भारी कष्ट है

Paramhans Shriram babajee

बरुण सखाजी श्रीवास्तव हमें जो मिला वह हमारा अधिकार नहीं था, लेकिन हमार भीतरी अहंकार इसे अपना हक मानता है। कष्ट की उत्पत्ति इसी रास्ते से होती है। जो हो रहा है वह होता ही है, किंतु हमे लगता है…

Shrirambabajee: घृणा अहंकार से जन्मती है, अहंकार असहमति से, असहमति आग्रह से, इसी कुचक्र को भेदना गुरु कृपा है

बरुण सखाजी श्रीवास्तव घृणा का जन्म अहंकार से होता है और अहंकार का जन्म अपने कर्ताभाव से होता हैl परमहंस श्रीराम बाबाजी हनुमानजी अपनी हर क्रिया में यह बताने का प्रयास किया करते थे कि कर्ताभाव त्याग दोl इसका त्याग…

परमहंस श्रीराम बाबाजी और परमहंसों का सोSहम

shriram babajee

बरुण सखाजी श्रीवास्तव, 9009986179 मूर्ति, जप, ध्यान और सोहम तक की यात्रा जटिल, भटकाऊ, भड़काऊ, बाधाओं से भरी और कई सारे जंक्शंस से होकर गुजरती है। एक प्रतिमा में ईश्वर की खोज फिर उस प्रतिमा के प्रति अपने आग्रहों का…