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ParamhansShrirambabajee: ईश्वर तत्व को समझने के लिए आवश्यक है लौ का सतत लगा रहना

Shriram babajee Special article series_2

परमहंस श्रीराम बाबाजी हनुमानजी श्रृंखलाः आलेख-2 बरुण सखाजी श्रीवास्तव परमहंस गुरुवर हनुमानजी ईश्वर तत्व की बहुत व्यापक व्याख्या करते हैं। वे कहते हैं लौ लगाने से ही ईश्वर तत्व का अनुभव हो सकता है। संसारी स्वार्थों से ईश्वर तत्व की…

Paramhans Shrirambabajee: घट-घट में राम जैसे हर बीज में जीवन, फले वही जो पाए सत्संग

Shrirram babajee special artical series_1

परमहंस श्रीराम बाबाजी हनुमानजी श्रृंखलाः आलेख-1 बरुण सखाजी श्रीवास्तव परमहंस गुरुवर श्रीराम बाबाजी हनुमानजी के ही दिव्य स्वरूप हैं। इस बात को मानने से पहले कहने, सुनने और समझने की यात्रा करनी होगी। यह यात्रा जटिल, कठिन, घुमावदार और गहराई…

Paramhans Shriram babajee: जो हो हमारे हिसाब से हो, अगर न हो तो भारी कष्ट है

Paramhans Shriram babajee

बरुण सखाजी श्रीवास्तव हमें जो मिला वह हमारा अधिकार नहीं था, लेकिन हमार भीतरी अहंकार इसे अपना हक मानता है। कष्ट की उत्पत्ति इसी रास्ते से होती है। जो हो रहा है वह होता ही है, किंतु हमे लगता है…

Shrirambabajee: घृणा अहंकार से जन्मती है, अहंकार असहमति से, असहमति आग्रह से, इसी कुचक्र को भेदना गुरु कृपा है

बरुण सखाजी श्रीवास्तव घृणा का जन्म अहंकार से होता है और अहंकार का जन्म अपने कर्ताभाव से होता हैl परमहंस श्रीराम बाबाजी हनुमानजी अपनी हर क्रिया में यह बताने का प्रयास किया करते थे कि कर्ताभाव त्याग दोl इसका त्याग…

परमहंस श्रीराम बाबाजी और परमहंसों का सोSहम

shriram babajee

बरुण सखाजी श्रीवास्तव, 9009986179 मूर्ति, जप, ध्यान और सोहम तक की यात्रा जटिल, भटकाऊ, भड़काऊ, बाधाओं से भरी और कई सारे जंक्शंस से होकर गुजरती है। एक प्रतिमा में ईश्वर की खोज फिर उस प्रतिमा के प्रति अपने आग्रहों का…