सुनिए 1985-86 की वो घटनाएं जब परमहंस श्रीराम बाबाजी ने करवाया आम का भंडारा

परमहंस श्रीराम बाबाजी हनुमानजी की 40 वर्ष पुरानी तकरीबन 1985-86 की स्मृतियों को हनुमान गढ़ी, अयोध्या और श्रीराम जानकी मंदिर, उदयपुरा जिला रायसेन के महामंडलेश्वर जन्मेजय शरण महाराज जी ने समय के साक्ष्य भाव से सुनाया। आप भी सुनिए, क्या…

परमहंस श्रीराम बाबाजी के लिए भक्ति-भाव से रसपूरित गीत में अभिव्यक्ति

Shriram babaje Ashirvachan

रघुवीर मास्साब (धौलपुर, जिला रायसेन, म.प्र.) परमहंस श्री राम बाबा के, नित प्रति चरण मनाऊं।श्री राम जय राम कीर्तन गाकर, ध्यान मग्न हो जाऊं।।उर में ज्ञान का दीप जलाकर, तम को दूर भगाया।जो हैं सेवक उन चरणों के, सच्चा मार्ग…

ParamhansShrirambabajee: वनगमन में राम लता, पत्तों से सीता का पता पूछते हैं, परमहंस श्रीराम बाबाजी गायों से, यही तो विधात्री क्रियाएं हैं

परमहंस श्रीराम बाबाजी हनुमानजी श्रृंखलाः आलेख-7 बरुण सखाजी श्रीवास्तव परहित बस जिनके मन माहीं, तिनको जग दुर्लभ कछु नाहीं। परमहंस श्रीराम बाबाजी अक्सर गाया करते थे। वे सशरीर इस संसार में हनुमानजी के रूप में विराजमान रहे। परहित की कल्पना…

ParamhansShrirambabajee: ईश्वर सिर्फ मनुष्य जैसा नहीं होता, विविध जीवों, निर्जीवों में भी है, इस दिशा से ही विधाता से संवाद संभव

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परमहंस श्रीराम बाबाजी हनुमानजी श्रृंखलाः आलेख-6 बरुण सखाजी श्रीवास्तव सोहम की स्थिति में सामान्य देह में साक्षात ब्रह्म विराजता है। यह हमारे सारे ग्रंथ कहते हैं। आध्यात्मिक जितने भी शोध हुए हैं वे सब बताते हैं अहम ब्रह्मास्मि एक स्थिति…

ParamhansShrirambabajee: परमतत्व का बिंब तभी प्रकट होता है जब निर्मल सत्संगति हो रही हो, प्रयोग के अभीष्ट से नहीं

Article-5

परमहंस श्रीराम बाबाजी हनुमानजी श्रृंखलाः आलेख-5 बरुण सखाजी श्रीवास्तव जब मन, वचन, कर्म से मनुष्य एक हो जाता है, तब उसमें ईश्वरीय बिंब प्रकट हो जाता है। परमहंस श्रीराम बाबाजी हनुमानजी एक पल के करोड़वें हिस्से में भी किसी दुविधा…