ParamhansShrirambabajee: परमतत्व की साधना में आग्रह की मिलावट नहीं होना चाहिए, तभी ईश्वर प्रकट होगा

Article Series 4

परमहंस श्रीराम बाबाजी हनुमानजी श्रृंखलाः आलेख-4 बरुण सखाजी श्रीवास्तव साधना औरउपासना दिखाई भी देती हैं और नहीं भी दिखाई देती। हमने इतिहास में अनेक महापुरुषों के के आंतरिक संकल्पों के बारे में पढ़ा है। इसका अर्थ है ऐसे संकल्प जो…

ParamhansShrirambabajee: दुविधाओं से मुक्ति, निरंतर हरि सुमिरन ही वास्तविक ईश्वरीय योग जो अंश को परमहंस तक ले जाता है

Article Series 3

परमहंस श्रीराम बाबाजी हनुमानजी श्रृंखलाः आलेख-3 बरुण सखाजी श्रीवास्तव परमहंस गुरुवर हनुमानजी अक्सर गाया करते थे, जो यही भांत बने संजोगा। अपने आंतरिक कीर्तन के साथ ही वे कई बार खंजरी लेकर बाह्य कीर्तन में भी जुट जाते थे। ईश्वरीय…

ParamhansShrirambabajee: ईश्वर तत्व को समझने के लिए आवश्यक है लौ का सतत लगा रहना

Shriram babajee Special article series_2

परमहंस श्रीराम बाबाजी हनुमानजी श्रृंखलाः आलेख-2 बरुण सखाजी श्रीवास्तव परमहंस गुरुवर हनुमानजी ईश्वर तत्व की बहुत व्यापक व्याख्या करते हैं। वे कहते हैं लौ लगाने से ही ईश्वर तत्व का अनुभव हो सकता है। संसारी स्वार्थों से ईश्वर तत्व की…

Paramhans Shrirambabajee: घट-घट में राम जैसे हर बीज में जीवन, फले वही जो पाए सत्संग

Shrirram babajee special artical series_1

परमहंस श्रीराम बाबाजी हनुमानजी श्रृंखलाः आलेख-1 बरुण सखाजी श्रीवास्तव परमहंस गुरुवर श्रीराम बाबाजी हनुमानजी के ही दिव्य स्वरूप हैं। इस बात को मानने से पहले कहने, सुनने और समझने की यात्रा करनी होगी। यह यात्रा जटिल, कठिन, घुमावदार और गहराई…