Paramhans_Shrirambabajee: चार करो विचार, संवाद ही संदेह से मुक्ति का सर्वोत्तम मार्ग है

बरुण सखाजी श्रीवास्तव सनातन संस्कृति में विचार का बड़ा महत्व है। किसी कार्य से पहले अच्छी तरह से सोचना, विचारना, समझना, तौलना फिर करना, एक प्रक्रिया माना गया है। परमहंस श्रीराम बाबाजी इस बात को कहा करते थे। बिना बिचारे…






