आलेखParamhansShrirambabajee: वनगमन में राम लता, पत्तों से सीता का पता पूछते हैं, परमहंस श्रीराम बाबाजी गायों से, यही तो विधात्री क्रियाएं हैं
आलेखParamhansShrirambabajee: ईश्वर सिर्फ मनुष्य जैसा नहीं होता, विविध जीवों, निर्जीवों में भी है, इस दिशा से ही विधाता से संवाद संभव
आलेखParamhansShrirambabajee: परमतत्व का बिंब तभी प्रकट होता है जब निर्मल सत्संगति हो रही हो, प्रयोग के अभीष्ट से नहीं
आलेखParamhansShrirambabajee: परमतत्व की साधना में आग्रह की मिलावट नहीं होना चाहिए, तभी ईश्वर प्रकट होगा
आलेखParamhansShrirambabajee: दुविधाओं से मुक्ति, निरंतर हरि सुमिरन ही वास्तविक ईश्वरीय योग जो अंश को परमहंस तक ले जाता है