परमहंस श्रीराम बाबाजी अमरवाणी

बरुण सखाजी श्रीवास्तव अद्वैतः आध्यात्मिक क्रम में अद्वैत की व्याख्या जितनी आसान है उतनी ही कठिन है इसकी अभिव्यक्ति और सबसे ज्यादा कठिन है इसकी अनुपालना। अद्वैत कहने में दूसरा कोई नहीं। सर्वोच्च और एकम ईश्वर। एकम ईश्वर तो इतने…






